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विज्ञान के चमत्कार पर निबंध | Wonder of Science Essay

रूपरेखा- वर्तमान युग तथा विज्ञान, इस युग को विज्ञान की देन, विज्ञान के चमत्कारों का वर्णन-(1) मोटर, रेल, वायुयान अादि। (2) टेलीफोन, रेडियो, समाचार-पत्र, बेतार का का तार आदि। (3) चलचित्र ग्रामोफोन, टेलीविजन आदि। (4) बन्दूक, तोप, बम, लड़ाकू विमान, दूरमारक अस्त्र-शस्त्र आदि। (5) विद्युत, नए वस्त्र, अच्छी खाद, उत्तम दवाइयाँ आदि। विज्ञान के चमत्कारों का उपयोग तथा दुरुपयोग, उपसंहार।

वर्तमान युग को वैज्ञानिक युग कहा जाता है। आज हमारे सारे जीवन पर विज्ञान का प्रभाव दिखाई पड़ता है। यदि विज्ञान की देन को आज हमसे छीन लिया जाए तो हम सभी कठिनाइयों में फँस जाएँगे। विज्ञान ने आज हमको जो सुख-सुविधाएँ प्रदान की हैं, वे सब विज्ञान के चमत्कार कहलाते हैं। हमारे शरीर के सुकोमल वस्त्र, घड़ी, ट्रांजिस्टर, पेन आदि सभी विज्ञान की देन हैं। वायुयान, एटम बम, इंजेक्शन, ट्रेन, रेडियो, चलचित्र, टेलीविजन तथा एक्सरे आदि सभी विज्ञान ने ही दिए हैं। विज्ञान के चमत्कारों ने आने-जाने के साधनों में बहुत बड़ा परिवर्तन कर दिया है। प्राचीन काल में मनुष्य अपने घर से दस-बीस मील तक जाने में भी घबराता था किन्तु आज तो वह पृथ्वी का चक्कर लगाने में भी नहीं घबराता। हजारों व्यक्ति विश्व का चक्कर लगा चुके हैं और अब मानव मंगल ग्रह पर जाने की तैयारी कर रहा है। यह सब विज्ञान के ही कारण सम्भव हो सका है। आज जन-साधारण की सेवा के लिए साइकिल, मोटर साईकिल, मोटर कार, ट्रेन, वायुयान आदि हर समय तैयार रहते हैं। आजकल समाचार भेजने में भी विज्ञान मानव की बड़ी सहायता कर रहा है। टेलीफोन, बेतार का तार, समाचार-पत्र और रेडियो ये सब विज्ञान ने ही दिए हैं। आज कुछ ही सेकेंडों मेंएक समाचार सारे संसार में फैल सकता है। हजारों मील बैठा हुआ एक व्यक्त दूसरे व्यक्ति से इस प्रकार बातचीत कर सकता है मानो वह उसके सामने ही बैठा हो। ये सब कुछ सुविधाएँ विज्ञान ने ही तो दी है। विज्ञान में मन बहलाने के लिए चलचित्र, रेडियो, ग्रामोफोन और टेलीविजन आदि भी प्रदान किए हैं। अपने काम से थककर कोई रेडियो सुनता है तो कोई चलचित्र देखने चला जाता है। बन्दूक, तोप, एटम बम, लड़ाकू विमान तथा दूरमारक शस्त्र विज्ञान के अद्भुत चमत्कार है। आज एक देश को मिनट में नष्ट किया जा सकता है। आज संसार का बड़े से बड़ा देश भी विज्ञान के इन विनाशकारी चमत्कारों से काँपता है। आज विज्ञान के बल से एक सैनिक पूरी सेना का नाश कर सकता है। वास्तव में आज हमारा जीवन विज्ञान के सहारे व्यतीत हो रहा है।

विद्युत तो विज्ञान का महान चमत्कार है। इससेे आज हमें प्रकाश मिलता है, मशीनें चलती है, पंखे चलते हैं, गेहूँ पिसता है तथा खाना तैयार होता है। हमारे दैनिक जीवन में काम आने वाली सभी वस्तुएँ विज्ञान ने दी हैं। हमारे शरीर के लिए उत्तम वस्त्र, पढ़ने को उत्तम पुस्तकें, खेतों को अच्छी खाद, रोगों के लिए उत्तम दवाइयाँ, फोटो खींचने के लिए कैमरा और लिखने के लिए कागज विज्ञान ने ही दिए हैं। आज विज्ञान के चमत्कारों के कारण चेचक, हैजा, पोलिया तथा मलेरिया आदि घातक बीमारियों पर पूरी तरह विजय प्राप्त कर ली गई है। वास्तव में विज्ञान के ये चमत्कार समाज के लिए वरदान ही हैं। मनुष्य प्रत्येक वस्तु को अपने मनमाने ढंग से प्रयोग में लाता है। ब्लेड से साफ हजामत भी बनती है और जेब भी काटी जा सकती है। विज्ञान के इन चमत्कारों का मानव ने अनेक स्थानों पर दुरुपयोग भी किया है। महाविनाशक अणु-शक्ति का मानव-कल्याण के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। अत: हमारे वैज्ञानिकों को चाहिए कि वे इन चमत्कारों का प्रयोग केवल मानव-कल्याण के लिए ही करें।

संक्षेप में हम कह सकते हैं कि विज्ञान के चमत्कारों ने मानव जाति को बहुत सुख-सुविधाएँ प्रदान की हैं। आज भी समझदार लोग इस बात के लिए प्रयत्न कर रहे हैं कि विज्ञान के ये चमत्कार मानव की सेवा करते रहें, उसे हानि न पहुँचाने पाएँ। आशा है कि मानव इनसे पूरा लाभ उठाता रहेगा तथा जीवन और अधिक सुखमय हो जाएगा।

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