Advertisements

तुलसीदास की जीवनी | Tulsidas Biography in Hindi

तुलसीदास का जन्म यमुना तट पर स्थित राजापुर (चित्रकूट) में हुआ। बचपन में ही इनके पिता आत्माराम दूबे और माता हुलसी का देहावसान होने पर इन्हें सन्त नरहरिदास ने अपने आश्रम में आश्रय दिया। पन्द्रह वर्ष तक अध्ययन करके ये राजापुर आए और रत्नावली से विवाह किया। पत्नी की तीखी से विरक्त होकर ये साधु वेश धारण करके श्रीराम की भक्ति को समर्पित हो गए।

भक्ति में लीन तुलसी को काशी में हनुमान और चित्रकुट में श्रीराम के दर्शन हुए। चित्रकुट से तुलसी अयोध्या आए। यहीं संवत् 1631 ई. में उन्होंने ‘राचरितमानस’ की रचना आरम्भ की। यह दो वर्ष सात माह और छब्बीस दिनों में संवत् 1633 में पूरी हुई। जनभाषा में लिखा यह ग्रन्थ – रामचरितमानस, न केवल भारतीय साहित्य का बल्कि विश्व साहित्य का अद्वितीय ग्रन्थ है। इसक अनुवाद अन्य भारतीय भाषाओं के साथ विश्व की अनेक भाषाओं में हुआ है।

रामचरितमानस में श्रीराम के चरित्र का वर्णन है। इसमें जीवन के सभी पहलुओं का नीतिगत वर्णन है। भाई का भाई के साथ, पति का पत्नी से, पत्नी का पति से, गुरु का शिष्य के प्रति, प्रजा का राजा से और राजा का प्रजा से कैसा व्यवहार होना चाहिए, उसका सजीव चित्रण है। राम की रावण पर विजय इस बात का प्रतीक है कि अच्छाई की बुराई पर, सत्य की असत्य पर विजय होती है।

तुलसी ने जीवन में सुख के लिए–न्याय, सत्य और प्राणीमात्र से प्रेम को अनिवार्य माना है। तुलसी ने रामचरितमानस जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया है। इसके अलावा तुलसी ने अन्य ग्रन्थ जैसे विनयपत्रिका, कवितावली, दोहावली व गीतावली आदि भी लिखे।

तुलसीदास समन्वयवादी थे। बड़े विद्वान और कवि, अब्दुर्रहीम खानखाना, जो तुलसी के मित्र थे, उनकी प्रशंसा में लिखा है– ‘गोद लिए हुलसी फिरै, तुलसी सो सुत होय’।

तुलसीदास अपने अनितम समय मे काशी में अस्सीघाट पर रहते थे। वहीं इनकास देहावसान संवत् 1680 में हुआ। भक्त व साहित्यकार तुलसी हिनदी भाषा के अमूल्य रत्न हैं।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.