Advertisements

राजा राममोहन राय पर निबंध | Raja Ram Mohan Essay in Hindi

राजा राममोहन राय का जन्म पश्चिम बंगाल में 11 मई, 1772 ई. को हुूगली जिले के राधानगर गाँव में हुआ। इनक पिता का नाम रमाकांत रय और माता का नाम तारिणी देवी था। इनकी आरम्भिक शिक्षा घर पर बांग्ला भाषा में हुई। पटना से उन्होंने अरबी तथा फारसी की उच्च शिक्षा प्राप्त करके काशी में संस्कृत का अध्ययन किया। उन्होंने अँग्रेजी भी मन लगाकर पढ़ी। वेदान्त और उपनिषदों के प्रभाव से इनका दृष्टिकोण उदारवादी था।

इनहोंने तिब्बत जाकर बौद्ध धर्म का अध्ययन किया। लौटने पर विवाह होने के बाद पारिवारिक निर्वाह के लिए ईस्ट इण्डिया कम्पनी में क्लर्क के पद पर नौकरी कर ली। नौकरी केसमय अँग्रेजी, लैटिन और ग्रीक भाषाओं का ज्ञान प्राप्त किया। 40 वर्ष की उम्र में नौकरी छोड़कर ये कोलकाता मे रहकर समाजसेवा में लग गए। इस दिशा में इन्होंने सती-प्रथा का विरोध, अन्धविश्वासों का विरोध, बहु-विवाह विरोध और जाति प्रथा का विरोध किया। विधवाओं के पुनर्विवाह और पुत्रियों को पिता की सम्पत्ति दिलवाने की दिशा में कार्य किया।

उदारवादी दृष्टिकोण के कारण इन्होंने ‘आत्मीय सभा’ बनाई जिका उद्देश्य ‘ईश्वर एक है’ का प्रचार था। एक ईश्वर की अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए ‘ब्रह्रमसभा’ की स्थापना की, जिसका बाद में नाम बदलकर ‘ब्रहसमाज’ रख दिया। इसमें सभी धर्मो की अच्छी बातों का समावेश था। सन् 1821 ई. में ‘संवाद-कौमुदी’ बांग्ला साप्ताहिक पत्र प्रकाशित किया। फिर फारसी में अखबार प्रकाशित किया। वे अँग्रेजी शिक्षा के पक्षघर थे। सन् 1824 ई. में उन्होंने वेदान्त कॉलेज की स्थापना की। जिसमें भारतीय विद्या के अलावा सामाजिक व भौतिक विज्ञान भी पढ़ाई जाती थी।

राजा राममोहन राय ने प्रशासन में सुधार के लिए आन्दोलन किया। ईस्ट इण्डिया कम्पनी के विरुद्ध शिकायत लेकर 8 अप्रैल 1831. को इंग्लैण्ड गए। 27 सितम्बर 1833 ई. में उनकी मृत्यु हो गई।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.