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Diwali Essay in Hindi | दीपावली पर हिन्दी निबंध

रूपरेखा – हिन्दुओं के प्रमुख त्याहारों में दीपावली का महत्व, त्योहार को मनाने का ढंग, मकानों, दुकानों और बाजारों की स्वच्छता तथा प्रकाश आदि का वर्णन, उपयोगिता, दोष, उपसंहार।

हिन्दुओं के चार प्रमुख त्यौहार हैं– दशहरा, रक्षाबन्धन, दीपावली तथा होली किन्तु इन चारों में दीपावली का विशेष महत्व हैं। यह त्यौहार सारे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जैसा कि दीपावली शब्द से ही स्पष्ट है कि इस दिन घरों, बाजारों और सड़कों को दीपकों की पंक्तियों से प्रकाशित किया जाता है। यह त्याहौर कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। कई सप्ताह पूर्व से ही घरों की सफाई की जाती है तथा चूने से पोता जाता है। मुख्य त्यौहार से दो दिन पूर्व धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। अमावस्या के दिन प्रात: काल से ही विशेष चहल-पहल प्रारम्भ हो जाती है। स्त्रियाँ घरों में भाँति-भाँति के पकवान तैयार करती है। दुकानदार अपनी दुकानों को विशेष रूप से सजाते हैं। इस दिन मिठाई की तो विषेश बिक्री होती है। हलवाई अपनी दुकानों को मिठाइयों तथा चित्रों से अच्छी प्रकार सजाते हैं। इस दिन बच्चों को तो विशेष आनन्द प्रापत होता है। कोई फुलझड़ी लातजा है तो कोई बल्ब, खिलौना, बताशे और कंडील लाता है।

रात्रि को श्रीगणेश-लक्ष्मीजी का पूजन होता है और प्रकाश किया जाता है। स्वच्छ लिपे-पुते मकानों में जब दीपमालिका जगमगाती है तो उनकी शोभा बहुत बढ़ जाती है। कोई रंग-बिरंगे कंडीलों में दीपक जलाता है, तो कोई रंग-बिरंगे विद्युत बल्बों द्वारा प्रकाश करता है। इस दिन सारे नगर की शोभा दर्शनीय होती है। इस त्योहार के सम्बन्ध में प्रसिद्ध है कि भगवान श्री राम रावण को मारकर अयोध्या वापस लौटे, तो लोगों ने उनके स्वागत में दीपक जलाए थे। तब से अब तक यह त्यौहार मनाया जाता है। कुछ लोगों का मत है कि वामन भगवान ने इस दिन राजा बलि को पाताल भेजा था, उन्हीं की स्मृति में दीपक जलाकर दीपावली मनाई जाती है। वास्तव में यह त्याहौर प्रसन्नता और नया उत्साह प्रदान करता है।

दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गौवंश की उन्नति के लिउए उनकी सेवा की जाती है तथा मन्दिरों में भगवान को भोग लगाया जाता है। इसके अगले दिन ‘भैया दूज’ का त्यौहार मनाया जाता है। बहन-भाई के माथे पर मंगल-कामना के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। इस प्रकार लगातार पाँच दिन तक चारों ओर आनन्द छाया रहता है।

दीपावली भारत का एक विशेष त्यौहार है। इस त्योहार के बहाने घर के प्रत्येक भाग की सफाई हो जाती है। वर्षा ऋतु में जो छोटे-छोटे कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं वे लिपाई-पुताई में नष्ट हो जाते हैं। दीपकों का प्रकाश अनेक बीमारियों के कीटाणुओं को नष्ट कर देता है। इसके अतिरिक्त पाँच दिन तक व्यक्ति अपनी सभी चिन्ताओं को भूल जाता है तथा आनन्द से दिन व्यतीत करता है। इस दिन बहुत से लोग जुआ भी खेलते हैं। इस कुप्रथा को रोकना अत्यन्त आवश्यक है। इसके अतिरिक्त कुछ लोग फुलझड़ी तथा पटाखे आदि भी छोड़ते हैं। इसे धन का तो अपव्यय होता ही है, किन्तु कभी-कभी आग भी लग जाती है। कभी-कभी बच्चे पटाखों से जल भी जाते हैं। अत: इसे रोकना भी अत्यनत आवश्यक है।

हमें अपने इस त्योहार के वास्तविक महत्व को समझना चाहिए तथा उसे उचित रीति से मनाना चाहिए। दीपावली का वास्तविक महत्व जुआ खेलने तथा पटाखे छुटाने से स्पष्ट नहीं होता है अपितु हमें चाहिए कि इस दिन प्रेमपूर्वक रहने की प्रतिज्ञा करें तथा सभी प्रसन्नतापूर्वक रहें।

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