आम बजट 2014-15 के मुख्य बिन्दु

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्तीय वर्ष 2015-16 का आम बजट लोकसभा में 28 फरवरी, 2015 को पेश किया। आम बजट 2015-16 के मुख्य बिदुं इस प्रकार हैं–

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● इनकम टैक्‍स छूट सीमा में कोई बदलाव नहीं, पुराना टैक्‍स स्‍लैब ही लागू होगा।
● कॉरपोरेट टैक्‍स दर को अगले 4 साल में घटाकर 30 फीसदी से 25 फीसदी किया जाएगा।
● प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के बीच अंतर को समाप्त किया जायेगा।
● श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद भारतीय वित्तीय संहिता संसद में पेश की जायेगी
● सार्वजनिक ऋण प्रबंधन एजेंसी की स्थापना करके भारतीय बांड बाजार को और व्यापक बनाया जायेगा
● पूंजी प्रवाह पर सरकार को स्पष्ट नियंत्रण देने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून में संशाधन किया जायेगा
● पीपीपी माडल की समीक्षा की जायेगी और कारोबार करने को सुगम बनाया जायेगा
● नये कर प्रस्तावों से 15,068 करोड़ रूपये के राजस्व की प्राप्ति का अनुमान ।
● व्यक्गित करदाताओं को सालाना 4,44,200 रूपये की आय पर विभिन्न प्रावधानों के तहत छूट उपलब्ध होगी।
● पेंशन योजना में सालाना 50 हजार रूपये तक के योगदान पर कर छूट। कर्मचारियों की मासिक परिवहन भत्ता कर छूट को 800 रूपये से बढ़ाकर 1600 रूपये किया गया ।

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रेल बजट 2015 की खास बातें

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 26 फरवरी, 2015 को संसद में 2015-16 के लिए अपना पहला रेल बजट पेश किया। इसमें उन्होंने यात्रियों पर कोई बोझ नहीं बढ़ाया और न ही किराए में काई बढ़ोतरी की, लेकिन नई ट्रेनों की भी घोषणा नहीं की गई। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट में यात्री सुविधाएं को और बढ़ाने पर जोर दिया।

रेल बजट 2015-16 की खास घोषणाएं इस प्रकार है–
– रेल बजट में यात्री किराये में कोई बढ़ोत्तरी नही की गई
– वित्त वर्ष 2016 में रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए 96,182 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
– ट्रेनों और प्लेटफॉर्म की सफाई के लिए अलग से स्वच्छता विभाग बनाने की योजना
– 650 रेलवे स्टेशनों पर 17 हजार नए टायलेट बनाए जाएंगे
– यात्रियों की शिकायतों के लिए नया हेल्पलाइन नंबर 138 और सुरक्षा के लिए नंबर 182 जारी किया जाएगा
– 108 गाडि़यों में ई-कैटरिंग सुविधा उपलब्ध कराने का संकल्प
– महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे
– अशक्त लोगों के लिए व्हील चेयर भी ऑनलाइन बुक कराने की सुविधा देने का प्रस्ताव
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भूमि अधिग्रहण बिल व उसके संशोधन क्या है?

भूमि अधिग्रहण विधेयक ज़मीन के अधिग्रहण और पुनर्वास के मामलों को एक ही क़ानून के तहत लाए जाने की योजना है। वर्ष 2013 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने संसद में भूमि अधिग्रहण बिल पास किया था। जिसमें किसानों के हित के लिए कई निर्णय लिए गये थे। फिलहाल भारत में जमीन अधिग्रहण 1894 में बने कानून के तहत होता है।

29 अगस्त, 2013 को लोकसभा से पारित होने के बाद इस विधेयक को 4 सितंबर, 2013 को राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई। राज्यसभा में बिल के पक्ष में 131 और विरोध में 10 वोट पड़े वहीं लोकसभा में 216 पक्ष में और 19 मत विरोध में पड़े थे।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक 119 साल से चल रहे ब्रिटिश हुकुमत वाले भूमि अधिग्रहण बिल की जगह ले लेगा। एक सदी से चल रहे भूमि अधिग्रहण बिल की कई खामियां को इसमें सुधारा गया है।

और जा‍नते हैं, यूपीए सरकार और मोदी सरकार के अध्यादेश में अंतर क्या है?

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भूमि अधिग्रहण विधेयक क्या है?

भारत में 2013 क़ानून के पास होने तक भूमि अधिग्रहण का काम मुख्यत: 1894 में बने क़ानून के दायरे में होता था. लेकिन मनमोहन सरकार ने मोटे तौर पर उसके तीन प्रावधानों में बदलाव कर दिए थे. ये भूमि अधिग्रहण की सूरत में समाज पर इसके असर, लोगों की सहमति और मुआवज़े से संबंधित थे. पिछले साल दिसंबर में मोदी सरकार ने एक अध्यादेश लाया. यूपीए के भूमि अधिग्रहण कानून में कुछ बदलाव करते हुए. लेकिन विपक्ष को ये बदलाव खटक रहे हैं. आइए, जानते हैं इस बिल से जुड़ी बारीकियों के बारे में-

1. समाज पर असर वाले प्रावधान को ख़त्म किया गया है
सोशल इंपैक्ट असेसमेंट की मदद से ये बात सामने आ सकती थी कि भूमि लिए जाने से वहां के समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा. क्योंकि भूमि अधिग्रहण का असर सिर्फ बड़े किसानों या जमीन मालिकों पर ही नहीं होता, छोटे किसान और मजदूर भी वहां होते हैं, जो वर्षों से उस जमीन पर काम कर रहे होते हैं. यदि जमीन ले गई तो वे क्या करेंगे, कहां रहेंगे.

2. लोगों की रज़ामंदी हासिल करने से छुटकारा
2013 के क़ानून में एक प्रावधान रखा गया था लोगों से सहमति लेने का. सरकार और निजी कंपनियों के साझा प्रोजेक्ट में प्रभावित जमीन मालिकों में से 80 फीसदी की सहमति जरूरी थी. सरकारी परियोजनाओं के लिए ये 70 प्रतिशत था. नए क़ानून में इसे ख़त्म कर दिया गया है. रक्षा, ग्रामीण बिजली, ग़रीबों के लिए घर और औद्योगिक कॉरीडोर जैसी परियोजनाओं में 80 फीसदी लोगों के सहमिति की आवश्यकता नहीं होगी.

3. नहीं बढ़ा मुआवज़ा
संशोधन में भी मुआवज़े की दर को पहले जैसा ही रखा गया है. जमीन की कीमत के बाजार मूल्य का ग्रामीण इलाकों में चार गुना और शहरों में दोगुना. फर्क सिर्फ इस बात का है कि सामाज पर पड़ने वाले असर के प्रावधान को खत्म करके सरकार ने मुआवजे की सीमा सिर्फ उन्हीं लोगों तक सीमित कर दी है, जिनके नाम जमीन है. जबकि पुराने कानून में ऐसे सभी लोगों को मुआवजा देने का प्रावधान था, जो उस जमीन पर निर्भर हैं.

4. जमीन बंजर हो या उपजाऊ फर्क नहीं पड़ेगा
सरकार ने जिन पांच सेक्टरों को प्राथमिकता की सूची में डाला है, उनके लिए जमीन अधिग्रहण करते वक्त यह नहीं देखा जाएगा कि वह जमीन बंजर है या उपजाऊ. जैसा कि सिंगूर के मामले था. अब बिना कोई पूछताछ के उसे सरकार ले लेगी.

5. 13 और कानूनों को भूमि अधिग्रहण में शामिल कर लिया
इस कदम को किसानों के पक्ष में माना जा रहा है. देश में 13 कानून और हैं, जिनके तहत जमीन तो अधिग्रहित की जाती है. लेकिन मुआवजे और पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी. अब भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ऐसे सभी मामलों में मुआवजा दिया जाएगा और पुनर्वास कराया जाएगा. जिन मामलों में इसका फायदा मिलेगा, वे हैं नेशनल हाईवे एक्ट, एटॉमिक एनर्जी एक्ट, पेट्रोलियम एंड मिनरल पाइप लाइंस एक्ट, इलेक्‍ट्रिसिटी एक्ट आदि.

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Forthcoming Competitive Exams. 2015

March

● Uttar Pradesh Public Service Commission Combined State/Upper Subordinate Services (General/Special Recruitment) Exam., 2015 (March 29)
● Indian Navy Sailors (Senior Secondary Recruits) Recruitment Test (March-April)
● Himachal Pradesh P.S.C. State Eligibility Test, 2014 (March-April)

April
● Uttarakhand Lecturer Screening Exam. (April 5)
● National Defence Academy and Naval Academy Examination (I) 2015 (April 19)
● Madhya Pradesh B.Ed. Entrance Exam., 2015 (April 19) (Online Closing Date : 3 March, 2015)
● Uttar Pradesh Public Service Commission Review Officer/Assistant Review Officer etc. (General/Special/Backlog) Recruitment Exam., 2014 (April 26)
● National Insurance Co. Ltd. Assistants Recruitment Exam. (April)
● Indian Air Force Airmen [Group ‘X’ (Technical)/Group ‘Y’ (Non-Technical)] Recruitment Test (April-May)

May
● Uttar Pradesh Polytechnic Joint Entrance Exam., 2015 (May 3) (Online Closing Date : 10 March, 2015)
● Uttarakhand Joint Entrance Exam. Polytechnic, 2015 (May 3-4)
● Madhya Pradesyh P.S.C. State Services Preliminary Exam., 2014 (May 9)
● NCERT National Talent Search Exam. (For Class X) Stage-II (May 10)
● Chhattisgarh P.S.C. State Services Preliminary Exam., 2014 (May 10)
● Common Law Admission Test (CLAT) 2015 (May 10) (Online Closing Date : 31 March, 2015)
● Netarhat Residential School Entrance School Entrance Exam. for Class VI (May 29-30, 2015)

June
● Madhya Pradesh P.S.C. State Engineering Services (Pre.) Exam., 2014 (June 14)

August
● Madhya Pradesh P.S.C. State Forest Services Exam., 2014 (August 2 and 3)

October
● SSC Constables (G.D.) in BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB, NIA and SSF and Rifleman in Assam Rifles Exam., 2015 (October 4)

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